वर्ज़न 1 – संक्षिप्त समाचार स्टाइल
मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के पास बन रहे 1.86 किलोमीटर लंबे डबल ट्रैक रेल पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अप्रैल तक पुल तैयार होने और विद्युतीकरण के बाद CRS निरीक्षण पूरा होने के बाद मई से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है।
नए पुल से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। दोहरी पटरियों की वजह से एक साथ अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा और ट्रेनें करीब 110 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी। पुल से गुजरने के बाद राजेंद्र सेतु पर ट्रेनें चालू रहेंगी। इस परियोजना में कुल 1700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और करीब 14 किलोमीटर लंबी एप्रोच लाइन भी तैयार की जा रही है।
वर्ज़न 2 – सोशल मीडिया फ्रेंडली
???? बड़ी खबर!
मोकामा में गंगा पर नया डबल ट्रैक रेल पुल तैयार होने वाला है। मई से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो सकता है।
लंबाई: 1.86 किमी, एप्रोच लाइन सहित 14 किमी
रफ्तार: 110 किमी/घंटा तक
फायदा: उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच तेज और सुचारू रेल सेवा
राजेंद्र सेतु पर ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा। 1700 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना बिहार के रेल नेटवर्क को नई गति देगी।
वर्ज़न 3 – एनालिटिकल / विस्तार से
मोकामा में गंगा पर बन रहे नए डबल ट्रैक रेल पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। यह 1.86 किलोमीटर लंबा पुल राजेंद्र सेतु के समानांतर स्थित है। अप्रैल तक पुल पूरी तरह तैयार होने के बाद विद्युतीकरण और CRS निरीक्षण होगा। इसके बाद मई से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है।
नया पुल दोहरी पटरियों के साथ तैयार किया गया है, जिससे ट्रेनें एक साथ गुजर सकेंगी और परिचालन अधिक सुचारू होगा। ट्रेनें लगभग 110 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी। इस पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और यात्रियों को यात्रा में राहत मिलेगी।
इस परियोजना की कुल लागत लगभग 1700 करोड़ रुपये है और इसके साथ 14 किलोमीटर लंबी एप्रोच लाइन भी बनाई जा रही है। पुल के चालू होने के बाद भी राजेंद्र सेतु पर ट्रेनों का परिचालन जारी रहेगा।