बिहार के औद्योगिक इलाकों में एआई कैमरों से लैस स्मार्ट पोल, 10 हजार युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

अब बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों में निगरानी, सुरक्षा और सेवाओं की जिम्मेदारी एआई तकनीक संभालेगी। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि राज्य के औद्योगिक इलाकों को स्मार्ट शेल्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

बिहार के औद्योगिक इलाकों में एआई कैमरों से लैस स्मार्ट पोल, 10 हजार युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
बिहार में औद्योगिक क्षेत्रों में जल्द ही एआई आधारित स्मार्ट पोल और शेल्टर की शुरुआत बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों को स्मार्ट बनाने के लिए राज्य सरकार ने नए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जल्द ही चुनिंदा इंडस्ट्रियल जोन में एआई कैमरा युक्त स्मार्ट पोल और स्मार्ट शेल्टर लगाई जाएंगी। यह पहल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू होगी। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उद्योग वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य डिजिटल गवर्नेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से प्रशासन और औद्योगिक ढांचे को और अधिक स्मार्ट बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केरल के सबरीमाला मॉडल को बिहार में लागू करने की तैयारी है। एयोरू इंटरप्राइजेज के संस्थापक पृथ्वी मड्डिराला ने बैठक में बताया कि इस मॉडल में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, निगरानी और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है। मुख्य सचिव ने इस मॉडल को बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की मंजूरी दी।औद्योगिक जोन में सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई ताकत बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों में स्मार्ट पोल में लगाए जाने वाले एआई कैमरे सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करेंगे। ये कैमरे संदिग्ध गतिविधियों का तुरंत पता लगाने, ट्रैफिक और भीड़ को नियंत्रित करने, और आपात परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने में मदद करेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य का औद्योगिक माहौल और अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगा। राज्य में विकसित होगा एआई आधारित इकोसिस्टम मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक में कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और बिहार को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एआई का उपयोग प्रशासन, शिक्षा, उद्योग और जनसेवा के हर क्षेत्र में किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की प्रशासनिक शक्ति का आधार बनेगा।