करबिगहिया गोलंबर से जुड़ेेंगे 4 मेगा फ्लाईओवर, ट्रैफिक व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

पटना के दक्षिणी इलाके में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या जल्द ही दूर होने वाली है। करबिगहिया गोलंबर के बनते ही चार प्रमुख फ्लाईओवर आपस में कनेक्ट हो जाएंगे, जिससे मीठापुर, चिरैयाटांड़, न्यू बाइपास और सिपारा के बीच सफर आसान और सुगम हो जाएगा। सालों से लंबित योजना अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है, जिससे लाखों लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

करबिगहिया गोलंबर से जुड़ेेंगे 4 मेगा फ्लाईओवर, ट्रैफिक व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव
तीन साल से बना फ्लाईओवर अब होगा चालू करबिगहिया से न्यू बाइपास की ओर जाने वाला फ्लाईओवर तीन वर्ष पहले ही तैयार हो गया था, लेकिन गोलंबर न होने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका। अब जैसे ही गोलंबर का निर्माण पूरा होगा, इस फ्लाईओवर पर यातायात शुरू हो जाएगा और वाहन सीधे न्यू बाइपास की तरफ जा सकेंगे। इससे पटना जंक्शन और कंकड़बाग क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। स्टील स्ट्रक्चर पर तैयार हो रहा एलिवेटेड कनेक्शन करबिगहिया गोलंबर को चिरैयाटांड़ पुल से जोड़ने के लिए करीब 490 मीटर लंबा दो-लेन एलिवेटेड रोड बनाया जा रहा है, जो स्टील फ्रेम संरचना पर आधारित होगा। इसके पिलर तैयार हो चुके हैं। चिरैयाटांड़ पुल से उतरने वाले रैंप में भी आवश्यक बदलाव किए जाएंगे और अतिरिक्त ढांचा जोड़ा जाएगा। यह लिंक बनते ही स्टेशन रोड से मीठापुर तक की यात्रा पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी। मीठापुर से सिपारा तक नया एलिवेटेड कॉरिडोर मीठापुर से सिपारा होते हुए महुली तक बनने वाला एलिवेटेड रोड अगले आठ महीनों में पूरा होने की संभावना है। उम्मीद है कि अक्टूबर से इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। चाणक्या मैनेजमेंट संस्थान से न्यू बाइपास तक का शेष कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि सिपारा से न्यू बाइपास के उत्तरी हिस्से तक निर्माण लगभग अंतिम चरण में है। एक गोलंबर से चार दिशाओं की कनेक्टिविटी करबिगहिया गोलंबर पर न्यू बाइपास से आने वाला फ्लाईओवर, चिरैयाटांड़ की ओर से एलिवेटेड रोड और मीठापुर की दिशा से बन रहा कॉरिडोर एक साथ जुड़ेंगे। इसके बाद मीठापुर फ्लाईओवर से सीधे कंकड़बाग, गांधी सेतु और गुलजारबाग तक निर्बाध आवागमन संभव हो सकेगा। दक्षिण पटना के लिए यह परियोजना केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि पूरे ट्रैफिक नेटवर्क में बड़ा बदलाव साबित होगी। आने वाले समय में राजधानी की यातायात व्यवस्था पर इसका स्पष्ट सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।