अब बुजुर्गों को नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर, घर बैठे होगी जमीन रजिस्ट्री की सुविधा !

बिहार में 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। अब जमीन रजिस्ट्री के लिए उन्हें दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि अधिकारी उनके घर जाकर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस नई व्यवस्था से वरिष्ठ नागरिकों को भागदौड़ और कार्यालय के चक्कर से काफी राहत मिलेगी।

अब बुजुर्गों को नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर, घर बैठे होगी जमीन रजिस्ट्री की सुविधा !
बिहार में जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अवर निबंधक सह विशेष पदाधिकारी स्वयं उनके घर पहुंचकर सत्यापन और रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया पूरी करेंगे, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। नई व्यवस्था कैसे काम करेगी इस सुविधा का लाभ लेने के लिए बुजुर्गों को ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा और 400 रुपये का निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। पोर्टल पर 80 वर्ष या उससे अधिक आयु दर्ज करते ही घर से रजिस्ट्री कराने का विकल्प दिखाई देगा। आवेदक अपनी सुविधा के अनुसार घर या कार्यालय का विकल्प चुन सकेंगे। इसके बाद तारीख और समय तय होगा और निबंधन कार्यालय की टीम मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट के साथ घर पहुंचकर बायोमेट्रिक सत्यापन और ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करेगी। कब से लागू होगी योजना ई-निबंधन पोर्टल में जरूरी तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं, जिनका काम फरवरी तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद ट्रायल शुरू होगा और सरकार 1 अप्रैल से इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी में है। सभी निबंधन कार्यालयों को लैपटॉप और बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन मशीन भी उपलब्ध कराई जा चुकी है। डिजिटल सुविधा की ओर कदम सरकार इस पहल को डिजिटल ईज ऑफ लिविंग की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। योजना ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत लाई जा रही है, ताकि बुजुर्गों का जीवन सरल बनाया जा सके। रजिस्ट्री पूरी होते ही संबंधित पक्षों के मोबाइल पर लिंक भेजा जाएगा, जिससे दस्तावेज ऑनलाइन डाउनलोड किए जा सकेंगे। पहले की प्रक्रिया से क्या बदलेगा पहले बीमार या असहाय बुजुर्गों को मेडिकल सर्टिफिकेट देना पड़ता था और अधिकारियों द्वारा मैनुअल तरीके से फोटो व अंगूठा निशान लिया जाता था। यह प्रक्रिया लंबी, जटिल और जोखिम भरी थी। नई डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और हजारों बुजुर्गों को सम्मान के साथ घर बैठे सुविधा मिल सकेगी।