वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे पर बिहार को बड़ी सौगात: 4 इंडस्ट्रियल पार्क, कई जिलों की चमकेगी किस्मत

बिहार में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने की तैयारी है। उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे के मार्ग पर चार इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से एक्सप्रेसवे से जुड़े चार जिलों को सीधा और बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे पर बिहार को बड़ी सौगात: 4 इंडस्ट्रियल पार्क, कई जिलों की चमकेगी किस्मत
बिहार में औद्योगिक विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य सरकार वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे के रूट पर चार नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की तैयारी में है। फिलहाल इन परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान की जा रही है और सरकार स्तर पर इसे लेकर व्यापक योजना बनाई जा रही है। इन जिलों में होंगे इंडस्ट्रियल पार्क मिली जानकारी के अनुसार, ये चारों इंडस्ट्रियल पार्क औरंगाबाद, गया, कैमूर और रोहतास जिलों में स्थापित किए जाएंगे। इससे इन क्षेत्रों में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उद्योग विभाग की योजना है कि इन पार्कों को निर्यात केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जिसके लिए करीब 19 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहण की तैयारी है। कोलकाता पोर्ट से होगी तेज़ कनेक्टिविटी वाराणसी–कोलकाता एक्सप्रेसवे के निर्माण से बिहार का संपर्क उत्तर प्रदेश और कोलकाता पोर्ट से और मजबूत होगा। अनुमान है कि बिहार से कोलकाता पोर्ट तक की दूरी महज 6 घंटे में तय की जा सकेगी। इससे इन चार जिलों में तैयार उत्पादों को देश के अन्य हिस्सों तक भेजना आसान होगा, साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच भी सरल हो जाएगी।बिहार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि राज्य में बने उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें पड़ोसी राज्यों के पोर्ट के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है. इसी योजना के तहत वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के किनारे चार नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, ताकि उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके. वहीं, वाराणसी से औरंगाबाद को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है और इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है. इसके चालू होते ही बिहार से उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली की यात्रा न सिर्फ तेज होगी बल्कि अधिक सुविधाजनक भी बन जाएगी. साथ ही इस एक्सप्रेसवे से झारखंड और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों और व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है.