बिहार को मिला नया हवाई हब: 4 महीनों में 1 लाख यात्रियों का भरोसा, इंटरनेशनल प्लान तैयार

पटना और दरभंगा के बाद पूर्णिया एयरपोर्ट ने भी बिहार के एविएशन सेक्टर में अपनी पहचान बना ली है। उद्घाटन के सिर्फ चार महीनों में 1.10 लाख यात्रियों की आवाजाही के साथ इस एयरपोर्ट ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या और फुल फ्लाइट्स को देखते हुए इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट में तब्दील करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

बिहार को मिला नया हवाई हब: 4 महीनों में 1 लाख यात्रियों का भरोसा, इंटरनेशनल प्लान तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर 2025 को उद्घाटन के बाद पूर्णिया एयरपोर्ट ने बहुत कम समय में यात्रियों का भरोसा जीत लिया है। सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए यह एयरपोर्ट सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद मिली बड़ी सौगात बनकर उभरा है। महज चार महीनों में 1.10 लाख से अधिक यात्रियों का सफर करना इस बात का साफ संकेत है कि यहां हवाई सेवाओं की मांग उम्मीद से कहीं ज्यादा है। फिलहाल पूर्णिया एयरपोर्ट से दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और हैदराबाद के लिए इंडिगो और स्टार एयर की कुल पांच नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लगभग हर फ्लाइट फुल बुकिंग के साथ उड़ान भर रही है। स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार, इस एयरपोर्ट का लाभ सिर्फ पूर्णिया तक सीमित नहीं है, बल्कि नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों और पश्चिम बंगाल के करीब एक दर्जन जिलों को भी सीधी कनेक्टिविटी मिल रही है। आंकड़े इस सफलता की रफ्तार खुद बयां करते हैं। एयरपोर्ट डायरेक्टर दीप प्रकाश गुप्ता के मुताबिक, 12 दिसंबर तक यात्रियों की संख्या 50 हजार थी, जो जनवरी के अंत तक बढ़कर एक लाख के पार पहुंच गई। मनिहारी–साहिबगंज पुल के पूरा होने के बाद यात्रियों की आवाजाही में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए एयरपोर्ट विस्तार की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। 15 एकड़ अतिरिक्त भूमि एयरपोर्ट को सौंपी जा चुकी है, जहां आधुनिक और स्थायी टर्मिनल भवन के निर्माण की योजना है। अगले महीने टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। प्रस्तावित नए टर्मिनल में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ लगभग 500 वाहनों की पार्किंग क्षमता होगी। अधिकारियों का लक्ष्य भविष्य में पूर्णिया एयरपोर्ट से मुंबई, बेंगलुरु और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू करने का है। तेजी से बढ़ती गतिविधियों के साथ पूर्णिया एयरपोर्ट अब सिर्फ एक घरेलू हवाई अड्डा नहीं, बल्कि बिहार के एविएशन सेक्टर का अहम आधार बनता जा रहा है। कभी पिछड़ेपन से जोड़े जाने वाले सीमांचल क्षेत्र में अब विकास की नई उड़ान साफ दिखाई दे रही है।