CM Nitish का New Year Gift: बिहार के किसानों के लिए सरकार का बड़ा ऐलान
CM Nitish का New Year Gift: बिहार के किसानों के लिए सरकार का बड़ा ऐलान
बिहार के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। नीतीश सरकार ने गन्ने के खरीद मूल्य में 15 से 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इस बढ़ोतरी के बाद अनुदान को मिलाकर किसानों को गन्ने का दाम अब 390 रुपये प्रति क्विंटल तक मिलेगा।
बिहार के गन्ना किसानों के लिए नए साल पर राहत भरी खबर सामने आई है। नीतीश सरकार ने गन्ने के खरीद मूल्य में 15 से 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद किसानों को अब अनुदान जोड़कर अधिकतम 390 रुपये प्रति क्विंटल तक का भुगतान मिलेगा।
यह जानकारी बखरी विधायक और गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने अधिकारियों और चीनी मिल प्रबंधन के साथ हुई बैठक के बाद दी। उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी और मौजूदा पेराई सत्र से ही किसानों को इसका सीधा लाभ मिलने लगेगा।
मंत्री ने बताया कि गन्ना मूल्य बढ़ाने को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। नई सरकार के गठन के बाद इस मुद्दे पर तीन अहम बैठकें हुईं, जिनमें किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई। लगातार बातचीत के बाद आखिरकार चीनी मिल मालिक भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी पर सहमत हो गए। मंत्री ने इसे किसानों के संघर्ष और मेहनत का सकारात्मक परिणाम बतायागन्ना किसानों को बड़ी राहत, तीनों श्रेणियों के दाम बढ़े
बिहार सरकार ने गन्ना किसानों को राहत देते हुए गन्ने की तीनों किस्मों के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी कर दी है. राज्य में गन्ने का भुगतान तीन श्रेणियों में किया जाता है और इस बार हर श्रेणी में इजाफा किया गया है।
उत्तम (अर्ली) किस्म: अब 365 से बढ़कर 390 रुपये प्रति क्विंटल तक
सामान्य (जनरल) किस्म: 340 से 360 रुपये प्रति क्विंटल
निम्न (लो) किस्म: 310 से 330 रुपये प्रति क्विंटल
सरकार का मानना है कि खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल जैसी बढ़ती लागत को देखते हुए यह फैसला जरूरी था. इससे गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और वे इस फसल से जुड़े रहेंगे. साथ ही, गन्ने की खेती बढ़ने से बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने में भी मदद मिलेगी।
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि सरकार की नीति ‘किसान पहले’ पर आधारित है. दाम बढ़ाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि तौल में किसी तरह की गड़बड़ी न हो और किसानों को गन्ने का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाए।