लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार को बड़ा झटका, राबड़ी-मीसा, तेज-तेजस्वी समेत 41 पर चलेगा मुकदमा
लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार को बड़ा झटका, राबड़ी-मीसा, तेज-तेजस्वी समेत 41 पर चलेगा मुकदमा
लैंड फॉर जॉब केस को लेकर आज शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई. जिसके बाद लालू परिवार को बड़ा झटका लगा. लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती समेत 41 लोगों पर आरोप तय कर लिया गया है
लालू परिवार को बड़ा झटका लगा. आज शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लैंड फॉर जॉब केस के मामले में सुनवाई हुई. जिसके बाद लालू परिवार समेत 41 लोगों पर आरोप तय कर दिया गया है. अब इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती समेत 41 लोगों पर मुकदमा चलेगा.
52 लोगों को किया गया बरी
दरअसल, आज आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव, बेटी मीसा भारती और तेज प्रताप यादव दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पहुंचे थे. कोर्ट के सामने सबूत पेश किए गए, जिसके बाद उसे सही पाए जाने पर लालू परिवार समेत 41 लोगों पर आरोप तय कर लिया गया. इसके साथ ही 52 लोगों को बरी भी किया गया है. ऐसे में अब लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती है. मालूम हो, यह मामला सीबीआई की तरफ से दर्ज किया गया है.
कोर्ट में क्या कुछ कहा गया?
राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा था कि लालू यादव और उनका पूरा परिवार एक आपराधिक गिरोह की तरह काम कर रहे थे. उनकी तरफ से एक बड़ी साजिश रची गई थी. इसके बाद जज की तरफ से आदेश दिया गया कि लालू यादव ने अपने परिवार के लिए अचल संपत्ति पाने के लिए सरकारी नौकरी की सौदेबाजी की. इसे ही हथियार बनाते हुए बड़ी साजिश रची गई. ऐसे में अब 41 लोगों पर ट्रायल चलेगाक्या है लैंड फॉर जॉब केस?
यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे. सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दायर करते हुए आरोप लगाया था कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने जमीन के बदले नौकरियां दीं, यानी जिन उम्मीदवारों को रेलवे में नौकरी दी गई, उनके परिवारों ने बदले में अपनी जमीन लालू परिवार या उससे जुड़े लोगों के नाम की.
सीबीआई के अनुसार, इस दौरान रेलवे में नौकरी देने के नाम पर बिहार और झारखंड के कई लोगों से जमीन ली गई. इस मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत कई लोगों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए