5500 शिक्षकों के लिए खुशखबरी, नॉन-एकेडमिक ड्यूटी खत्म, तीन माह का वेतन मिलेगा
5500 शिक्षकों के लिए खुशखबरी, नॉन-एकेडमिक ड्यूटी खत्म, तीन माह का वेतन मिलेगा
बिहार विधान परिषद की दूसरी पाली में संकल्प प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार ने अपना पक्ष रखा। विपक्ष की गैरमौजूदगी में हुई इस बहस में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने पर प्रतिबंध है और इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।
स्कूल शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मिलेगी राहत
डॉ. वीरेंद्र नारायण यादव द्वारा लाए गए संकल्प प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग इस विषय को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों को नॉन-एकेडमिक कार्यों में तैनात नहीं किया जाएगा। इसके लिए ऐसे शिक्षकों की सूची मंगाई गई है और नई तैनाती पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है। यदि कहीं इस आदेश का उल्लंघन होता है तो शिक्षक विभागीय पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
वेतनमान को लेकर बनी उच्चस्तरीय समिति
वित्त रहित स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतनमान देने के मुद्दे पर मंत्री ने बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। जल्द ही इसकी बैठक होगी और सभी पहलुओं पर विचार के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
5500 शिक्षकों को मिलेगा एकमुश्त भुगतान
सरकार द्वारा सहायता प्राप्त मदरसा और संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की वेतन संरचना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि पहले लिए गए निर्णयों के अनुरूप कार्रवाई जारी है। अनुकंपा के आधार पर नियुक्त करीब 5500 शिक्षकों को लंबित बकाया के रूप में तीन माह का वेतन एक साथ देने की तैयारी है।
अन्य प्रस्तावों पर सरकार का रुख
महिला दिवस पर सरकारी अवकाश, पंचायत प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस, मानदेय बढ़ोतरी, बेरोजगारी भत्ता और नए जिले या अनुमंडल के गठन जैसे प्रस्तावों पर संबंधित मंत्रियों ने कहा कि फिलहाल कई विषय सरकार के विचाराधीन नहीं हैं, हालांकि कुछ मुद्दों पर भविष्य में विचार संभव है।